किसी व्यक्ति की संपत्ति का विश्लेषण करने के लिए कुंडली के चतुर्थ भाव का अध्ययन किया जाता है। चतुर्थ भाव अचल और चल संपत्तियों का मुख्य भाव है। इसी भाव से संपत्ति की खरीद और बिक्री दोनों को देखा जा… Continue Reading…

भाग्य का चमत्कार चाहिए तो कुंडली का नौवां भाव देखें, चमक उठेगा भाग्य जन्मकुंडली में नवम भाव भाग्य-धर्म-यश का है। इस भाव का स्वामी किस भाव में किस स्थिति, किन ग्रहों के साथ या दृष्ट है। उच्च का है या… Continue Reading…

जन्मकुंडली में मेष लग्न वालों के लिए अच्छे और बुरे योग 1..यदि मेष लग्न हो और चतुर्थेश तथा पंचमेश का सम्बन्ध हो तो राजयोग होता हैचतुर्थ का स्वामी चन्द्रमा और पंचम का स्वामी सूर्य होने के कारणसूर्य और चन्द्रमा का… Continue Reading…

जितना आपने इधर-उधर फालतू के खर्चे करने हैं। उसकी जगह अच्छा है कि आप अपने लिए ऊर्जा, शक्ति, पुण्य तथा देवों की विशेष कृपा प्राप्त करें। कार्तिक के समान कोई माह नहीं है, सतयुग के समान कोई युग नहीं, वेद… Continue Reading…

दुनिया में जो भी आया है वह अपना भाग्य लेकर आया दुनिया में जो भी आया है वह अपना भाग्य लेकर आया है । लेकिन हर किसी का भाग्य एक जैसा नहीं होता है। आप देखिए आपकी हथेली में मौजूद… Continue Reading…

कुंडली में नंबर उपरोक्त कुंडली में नंबर लिखे हुए और भावो के नाम लिखे है तथा ग्रहों के नाम लिखे हुए है.नंबर राशि से सम्बंधित है| जैसे लगन जिस समय जातक का जन्म हुआ था उस समय कीश नंबर की… Continue Reading…

वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर लगभग हर हिंदू परिवार के घर में देवी-देवताओं का अलग स्थान होता है, कुछ लोगों के घरों में छोटे मंदिर होते हैं तो कुछ लोग भगवान के लिए अलग कमरा बनवाते हैं। शास्त्रों के… Continue Reading…